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भारत जल्द ही दलहनों और तिलहनों में देश के ही माल पर निर्भर होगा
17 जुलाई 2017

कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के अनुसार भारत में आने वाले दिनों में दलहनों और तिलहनों का आयात नहीं करना होगा क्यूंकि नयी तकनीकों, अधिक उत्पादकता वाले बीजों और अच्छी गुड़वत्ता के बीज के लिए सरकार हर जरुरी कदम उठा रही है और जल्द ही यह संभव होने का अनुमान है ।

फ़िलहाल अभी देश में 5 मिलियन टन दलहनों का और 14.5 मिलियन टन सब्जियों वाले तेल बीज जिसमें खाद्य और बगैर खाद्य तिलहनी बीज शामिल हैं का आयात किया जाता है जोकि हर वर्ष घरेलु जरूरतों की मांग को पूरा करता है ।

कृषि मंत्री के मुताबिक हरित क्रांति से गेहूं और धान के उत्पादन के लिए भारत परिपक्व हो गया है और अब तिलहनों और दलहनों में भी विदेशी माल की जरुरत नहीं होगी । इससे जो विदेशी मुद्रा पर दलहनों और तिलहनों में व्य होता है वो बचेगा । हालाँकि अच्छी बात यह है कि दलहनों का उत्पादन जो पिछले वर्ष 16.35 मिलियन टन था इस साल बढ़कर 22.40 मिलियन टन हो गया है । और तिलहनों में भी उत्पादकता पिछले वर्ष से 29% बढ़ी है ।

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